झांसी, 18 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जहां एक सेवानिवृत्त रेलकर्मी ने अपनी प्रेमिका प्रीति की हत्या कर दी। आरोपी ने शव को करीब एक सप्ताह तक अपने कमरे में छिपाकर रखा और फिर उसे जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की।

पुलिस के अनुसार, सेवानिवृत्त रेलकर्मी दो पत्नियों वाला व्यक्ति है और उसका एक बेटा भी है। प्रीति (उम्र लगभग 40 वर्ष) उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। आरोपी का दावा है कि प्रीति उसे पैसे के लिए ब्लैकमेल कर रही थी, जिससे तंग आकर उसने 7 जनवरी को उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद राम सिंह ने शव को कमरे में ही छिपाए रखा। करीब एक सप्ताह बाद, उसने अपने बेटे से लोहे का एक नीला बॉक्स और लकड़ियां मंगवाईं। 16 जनवरी की रात आरोपी ने शव को टुकड़ों में काटकर जलाया और बची हुई हड्डियां तथा राख को उस बॉक्स में भर दिया।
अगली रात यानी 17 जनवरी को राम सिंह ने सबूत ठिकाने लगाने के लिए एक टैक्सी बुक की। उसने बॉक्स को टैक्सी में रखा और खुद बाइक से पीछे-पीछे चलने लगा। रास्ते में वह अचानक गायब हो गया। टैक्सी ड्राइवर को शक हुआ और उसने बॉक्स खोलकर देखा तो अंदर जली हुई हड्डियां और राख मिली। ड्राइवर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने बॉक्स को जब्त कर लिया और राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
झांसी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने शव को घर के अंदर ही जलाया, जिससे आसपास के इलाके में कोई गंध या संदेह नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी और आरोपी का इरादा सबूत पूरी तरह नष्ट करने का था। फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है और शव के अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा सकता है। आरोपी के बेटे से भी पूछताछ की जा रही है, जो बॉक्स और लकड़ियां उपलब्ध कराने में शामिल था।
यह घटना नीले ड्रम वाले पुराने हत्याकांड की याद दिला रही है, जहां इसी तरह शव को छिपाने की कोशिश की गई थी।

इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ते जा रही है। लेकिन इसके पिछे के मुख्य कारण पर किसी का भी ध्यान नहीं है। यैसी घटनाओं का मुख्य कारण महिलाओं का फेमिनिस्ट वाला भुत और इनके हाथ में मोबाइल फोन का पहुंचना है, पुरूष इन महिलाओं के साथ थोड़ा प्रलोभन और प्यार का नाटक करते हैं। फिर क्या इन महिलाओं और लड़कियों का बेवकुफी और हवस भरा प्यार उमड़ पड़ता है। अपने बच्चें,पति और परिवार को ठुकरा कर अपनी हवस मिटाने निकल पड़ती है।
लेकिन अंजाम बहुत ही भयावह और खौफनाक होता है। इस तरह के मामले में पुरूष भी बराबर का दोषी है। इस लिए कई महिलाओं के लिए डिजिटल इंडिया उनके सपनों को पुरा करने का एक जरिया है तो वहीं लाखों महिलाओं के लिए अनैतिक संबंध बनाने का एक जरिया भी बन गया है। महिलाओं को आगे बढ़ने का पुरा औसर मिलना चाहिए लेकिन उन्होंने भारतीय संस्कृति समाजिक ताना-बाना कि भी पुरी समझ होनी चाहिए ताकि वह इस तरह के अनैतिक संबंध से बच सकें।





