मनोर (पालघर), 16 मार्च 2026: श्री रामनवमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र के मनोर में एक भव्य सामुदायिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन बिरसायत (महाराष्ट्र) संस्था की ओर से किया जा रहा है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख उपस्थिति देंगे।

संस्था के संस्थापक संतोष आनंदी शिवराम जनाठे (सचिव, भाजपा महाराष्ट्र) ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सामुदायिक विवाह सोहळा 26 मार्च 2026 को मनोर में आयोजित होगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इससे पहले 14 मार्च 2026 को वधू-वर तथा उनके परिवारजनों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विवाह की पूर्व तैयारियों के लिए आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया।

यह सामुदायिक विवाह विशेष रूप से गरीब आदिवासी परिवारों की बेटियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो हिंदू परंपराओं और संस्कृति के अनुसार विधि-विधान से विवाह संपन्न कराकर अपने नए जीवन की शुभ शुरुआत कर सकेंगी। हिंदू रीति-रिवाजों के साथ यह विवाह न केवल आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों को सहारा प्रदान करेगा, बल्कि समाज में एकता, सादगी और सांस्कृतिक समरसता का भी संदेश देगा। यह आयोजन रामनवमी के पावन पर्व के साथ जुड़कर और भी विशेष महत्व रखता है।

कुछ विरोधी तत्वों द्वारा बार-बार यह दावा किया जाता है कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं, लेकिन इस तरह के सामुदायिक विवाह हिंदू परंपराओं में भागीदारी के माध्यम से स्पष्ट रूप से सिद्ध करते हैं कि आदिवासी समाज हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग है। बिरसायत संस्था, जो महान आदिवासी नायक बिरसा मुंडा जी के विचारों से प्रेरित है, ऐसे प्रयासों के माध्यम से आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
यह कार्यक्रम न केवल जोड़ों के जीवन की शुरुआत को शुभ बनाएगा, बल्कि गरीब आदिवासी परिवारों को हिंदू परंपराओं के साथ नया जीवन शुरू करने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, यह समाज में सामूहिक विवाह की परंपरा को मजबूत करने के साथ-साथ उन विरोधी ताकतों को भी करारा जवाब देगा जो आदिवासियों को हिंदू समाज से अलग बताने का प्रयास करते हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।




