भाजपा का ‘ बलात्कारी बचाओ’ मिशन? मकरंद बौद्ध को खुली छूट, विपक्ष का हमला तेज!

पिछले कुछ महीनो से मध्य प्रदेश में जो हो रहा है, वह ना सिर्फ देश को आग में झोकने की कोशिश की जा रही है बल्कि भाजपा सरकार इसे बढ़ाने की कोशिश भी कर रही है। देश के ज्यादातर राज्य जहां भाजपा कि सरकार है, वहां पर देखा जा रहा है कि भीम आर्मी के आता-ताई कार्यकर्ताओं को कुछ भी करने की इजाजत सिर्फ अंबेडकर के नाम पर दे दी जाती है।

भीम आर्मी के कार्यकर्ता ना सिर्फ हिंदू देवी देवताओं की अपमान कर रहे हैं बल्कि मनुस्मृति का खुलेआम बेइज्जती और उसमें आग भी लगा रहे है। मनुस्मृति स्मृति ना सिर्फ भारतीय हिंदू संस्कृति की एक मूल्यवान ग्रंथ है बल्कि हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले सभी वर्गों के लिए पूजनीय भी है, चाहे वह ब्राह्मण हो दलित हो आदिवासी हो या हिंदू धर्म का कोई भी अंग मनुस्मृति की इस तरीके के अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सकता।

लेकिन जो भाजपा पहले कांग्रेस पर यह आरोप लगाती थी कि कांग्रेस हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथो और हिंदू देवी-देवताओं का जानबूझकर ऐसे संगठनों के द्वारा अपमान करवाती है, अब यह सब काम बीजेपी के ही शासित राज्यों में ज्यादा हो रहा है। भाजपा शासित राज्यों में अब खुलेआम हिंदू देवी देवताओं का अपमान मनुस्मृति को आग लगाया जाना और हिंदू धर्म पर ऐसे आपत्तिजनक बयान लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। कुछ लोगों का यह आरोपी है कि भाजपा जानबूझकर इन अताताई पर कोई काम कार्यवाही नहीं करती है।

Source:- Taken From Social Media

यैसा ही मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर में देखने को मिला जहां पहले भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति में न सिर्फ आग लगाए बल्कि एक दूसरे भीम आर्मी के कार्यकर्ता ने ब्राह्मण समाज की बेटियों को अनैतिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने की बात भी कही। ब्राह्मण समाज की बेटियों के लिए यह घटिया बात करने वाला कोई और नहीं बल्कि मध्य प्रदेश सरकार का ही एक आईएएस ऑफिसर IAS संतोष वर्मा है, मध्यप्रदेश सरकार ने इस अधिकारी पर तो कार्यवाही नहीं हुई ।लेकिन मनुस्मृति जलाए जाने और ब्राह्मण समाज की बेटियों के खिलाफ दिए जाने वाले अनर्गल बयान के विरोध में जब कुछ संगठनों ने विरोध किया जहां यह आरोप लगे कि इस प्रदर्शन के दौरान अंबेडकर की फोटो में आग लगाने का आरोप लगा।

इस पर प्रशासन तुरंत एक्टिव हो गई और इसी कार्रवाई के तहत अनिल मिश्रा और उनके कुछ साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया । लेकिन यहां गौरतलब बात यह है कि एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज करने वाला मकरंद बौद्ध 2017 से ही एक रेप केस के मामले में फरार है, लेकिन मध्य प्रदेश की प्रशासन अब तक मकरंद बहुत को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। मकरंद बौद्ध लगातार पुलिस प्रशासन के बड़े-बड़े अधिकारियों से मिलता रहा। मकरंद बौद्ध पुलिस अधिकारी हिना खान कि शादी में भी जाता है और उनके साथ फोटो खिंचवाता है अपने सोशल मीडिया पर अपलोड करता है लेकिन 2017 से ही फरार अपराधी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाती है।

सवाल यह भी है कि जब बलात्कार जैसे गंभीर आरोप में मकरंद फरार है और पुलिस से ढूंढ नहीं पा रही थी, तो जब वह एससी एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचा तो उसे वहीं से गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? मकरंद बौद्ध का इस तरीके से खुलेआम घूमना और पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों के शादी में मौजूदगी यह दिखाता है कि उसे पूरी तरीके से राजनैतिक सुरक्षा प्रधान था।

वरना जहां सिर्फ फोटो जलाने के आरोप में अनिल मिश्रा को गिरफ्तार किया जा सकता है, वही मकरंद जो की बलात्कार का आरोपी है, सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचने को लेकर केस दर्ज हो उसे पुलिस आखिर गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही ?राजनितिक विशेषज्ञों का मानना है, कि भाजपा अपने नई वोट बैंक कि तलाश में है। लेकिन इस नई वोट बैंक कि तलाश में भाजपा अपने कोर वोटर्स से दुर होती चली जा रही है। इसी का एक बड़ा डेंट भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनावों में भी दिखा जहां भाजपा महज 240 पर सिमट गई। कुछ वरिष्ठ पत्रकारों का यह भी मानना है कि भाजपा के “सबका साथ,सबका विकास” के तहत मुस्लिम तुष्टिकरण में भाजपा अपने हिंदू वोटर्स को नजरंदाज कर रही थी। जे.पी नड्डा ने तो यहां तक कह दिया कि भाजपा का भगवा से कोई लेना-देना नहीं है, जिससे हिंदू वोटर्स में खासा आक्रोश दिखा था।

  • Related Posts

    नेपाल की राजनीति में हड़कंप! पूर्व PM ओली को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    काठमांडू: पड़ोसी देश नेपाल की राजनीति में शनिवार को हड़कंप मच गया। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री खड्ग प्रसाद (केपी) शर्मा ओली और उनके तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक को पुलिस…

    Read more

    सारण, बिहार | रिपोर्टर: डेस्कबिहार के सारण जिले से आई एक हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सुशासन के दावों की पोल खोल दी है। यह मामला केवल एक बलात्कार…

    Read more

    Leave a Reply