पालघर (24 नवंबर 2025):- महाराष्ट्र के पालघर जिले में नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी चरम पर है, और इसी विषय पर हमने जब वार्ड नंबर 5 से नगर सेवक के लिए शिवसेना (UBT) के उम्मीदवार शिरिष संखे जो कि पुर्व में भारतीय जनता पार्टी के पालघर मंडल सरचिटणीस भी रह चुके हैं, उन से बात कि तो उन्होंने चौंकाने वाली कई खुलासे करते हुए भाजपा को हिंदुत्व के मुद्दे कटघरे में खड़ा कर दिया और पालघर साधुओं कि हत्या के आरोपीयों में से एक चौधरी के भाजपा में शामिल किए जाने पर गंभीर आरोप लगा दिया।
पालघर साधु कांड 16 अप्रैल 2020 को महाराष्ट्र के पालघर जिले के गढ़चिंचले गाँव में हुआ था, जब ग्रामीणों के एक समूह ने दो हिंदू साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।काशीनाथ चौधरी पर पालघर साधुओं कि हत्या जैसे गंभीर आरोप लगें हैं, कुछ दिनों पहले चौधरी के भाजपा में शामिल कराया गया था, लेकिन मिडिया में खबरें ने जैसे ही जोर पकड़ती और जनता ने इसके विरोध में बोलना शुरू किया भाजपा के आला अधिकारियों ने तुरंत सफाई देते हुए चौधरी कि सदस्यता स्थगित कर दी।
बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए मैं UBT में आया।” इंटरव्यूअर ने तीखे सवाल दागे, जैसे “पुराने सोशल मीडिया पोस्ट में आप शिंदे गुट को असली शिवसैनिक बता रहे थे, अब क्या बदला? “शिरिष संखे ने जवाब दिया, “राजनीति में परिवर्तन स्वाभाविक है, लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा जनसेवा रहा है।
“वार्ड की समस्याओं पर बात करते हुए शिरिष संखे ने वादा किया कि जीतने पर वे पानी की कमी, कूड़ा प्रबंधन और अवैध निर्माण जैसी बुनियादी दिक्कतों को प्राथमिकता देंगे। इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे ठेकेदारी या व्यक्तिगत लाभ से दूर रहेंगे और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
आगे शिरिष संखे ने नगर परिषद को लेकर यह कहा कि पिछले नगर सेवकों ने बस अपनी कमिशन पर ध्यान दिया वार्ड के विकास परियोजनाओं से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रहा। खराब सड़क, खुले नाली , बंद पर रोड़ लाइट, समय पर कचरा का निवारण न होने जैसी कई समस्याओं के तरफ इशारा करते हुए कहा कि अगर मैं इन सभी कार्य को पुरा नही कर पाता हूं तो मैं अगला चुनाव नहीं लडूंगा। भ्रष्टाचार को भी गंभीर समस्या बताते हुए वर्तमान नगर सेवक पर भी आरोप लगाया और कहा कि इनकी निश्क्रियता के वजह से सरकार के तरफ से वार्ड विकासके लिए आया हुआ फंड वापस चला गया।
” राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, “इस तरह के इंटरव्यू से मतदाता जागरूक हो रहे हैं। इस बार चुनाव व्यक्ति की विश्वसनीयता पर लड़े जाएंगे, न कि पार्टी पर।”पालघर नगर परिषद के 25 वार्डों के लिए चुनाव 2 दिसंबर को होना है। UBT ने इस इंटरव्यू को अपनी ताकत के रूप में प्रचारित किया है, जबकि BJP ने चुप्पी साध रखी है। क्या यह वीडियो उम्मीदवार के पक्ष में वोटों का ध्रुवीकरण करेगा या सवालों की कतार बढ़ाएगा? आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखेगा।




