
पालघर (महाराष्ट्र), 17 नवंबर 2025 (रिपोर्टकार्ड न्यूज़)
पालघर जिले के तलासरी थाना क्षेत्र में मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के किनारे 13 नवंबर को मिले एक अनोळखी महिला के शव का राज सिर्फ चार दिन में खुल गया। पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि मृतका का अपना पति ही उसका हत्यारा निकला।
पुलिस के अनुसार, 13 नवंबर 2025 को तलासरी पाटीलपाडा के पुलिस पाटील संदीप राघु भुरकुड (उम्र 42) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेस-वे के निर्माणाधीन पुल के पास एक 30-35 वर्षीय अज्ञात महिला का शव पड़ा है। प्रथम दृष्टया गला दुपट्टे से कसकर दबाने के कारण मौत होना प्रतीत हो रहा था। इसके आधार पर 14 नवंबर को तलासरी थाने में धारा 103(1) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
मृतका की पहचान अफसाना हसरतुल बाबदीन खान उर्फ अफसाना हसरतुल साकरअली मन्सुरी (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई।वह वर्तमान में अपने पति के साथ गुजरात के सूरत में रहती थी।
तफ्तीश में पता चला कि अफसाना का पति साकीरअली मुस्तफाअली मन्सुरी (उम्र 43, व्यवसाय- ड्राइवर) ही हत्यारा है। पुलिस ने उसे गुजरात के आच्छाड बॉर्डर से हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ में साकीरअली ने कबूल लिया कि अवैध शारीरिक संबंध के शक के चलते उसने अपनी पत्नी की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को महाराष्ट्र में फेंक दिया।
आरोपी साकीरअली को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच तलासरी थाने के पुलिस निरीक्षक कर रहे हैं।यह प्रशंसनीय कार्यवाही कोकण परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय दराडे, पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी अंकिता कणसे के कुशल मार्गदर्शन में तलासरी पुलिस थाना एवं पालघर स्थानीय अपराध शाखा की संयुक्त टीम द्वारा संपन्न की गई।
पालघर पुलिस की त्वरित एवं व्यावसायिक जांच, आधुनिक तकनीकी विश्लेषण तथा मानवीय आसूचना तंत्र के प्रभावी समन्वय से महज चार दिनों के भीतर इस अंधे कत्ल का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया गया।
यह प्रशंसनीय कार्यवाही कोकण परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय दराडे, पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी अंकिता कणसे के कुशल मार्गदर्शन में तलासरी पुलिस थाना एवं पालघर स्थानीय अपराध शाखा की संयुक्त टीम द्वारा संपन्न की गई।
पालघर पुलिस की त्वरित एवं व्यावसायिक जांच, आधुनिक तकनीकी विश्लेषण तथा मानवीय आसूचना तंत्र के प्रभावी समन्वय से महज चार दिनों के भीतर इस अंधे कत्ल का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया गया।




