दहानू, 12 नवंबर 2025
महाराष्ट्र के पालघर जिले में वाढवण बंदर के सर्वेक्षण कार्य के लिए तैनात ‘पवन ड्रेजर’ नामक टग बोट मंगलवार (11 नवंबर 2025) रात/सुबह करीब 2 बजे अचानक समुद्र में डूब गई। यह बोट गुजरात के पवन गांधी की मालिकी की है और ड्रेजिंग तथा बंदर विकास के प्राथमिक सर्वेक्षण के लिए इस्तेमाल हो रही थी। इस हादसे ने वाढवण बंदर प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में गंभीर चिंता पैदा कर दी है, जिसे केंद्र सरकार ने पिछले साल जून में ‘इन-प्रिन्सिपल’ मंजूरी दी थी। प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 76,000 करोड़ रुपये है।
इस हादसे में बोट पर सवार 6 कर्मचारी और तकनीकी कामगारों में से 5 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 1 व्यक्ति अभी तक लापता है। बचाए गए 5 में से 1 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल है और उसका दहानू सिविल हॉस्पिटल में गहन इलाज चल रहा है।प्राथमिक जांच के अनुसार, इंजन रूम में अचानक पानी भरने से बोट का संतुलन बिगड़ा और वह समुद्र की गहराई में डूब गई। यह बोट वाढवण बंदर की गहराई मापने और ड्रेजिंग के लिए विशेष रूप से तैनात थी। वाढवण बंदर प्रोजेक्ट महाराष्ट्र का सबसे बड़ा पोर्ट विकास प्रोजेक्ट है, जो डहाणू तालुका के संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र में बनाया जाना है। पहले इस प्रोजेक्ट को स्थानीय मछुआरों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं से कड़ा विरोध मिला था। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2025 में केंद्र सरकार को विशेषज्ञ समिति नियुक्त करने पर विचार करने को कहा था। इस हादसे ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय प्रशासन, समुद्री पुलिस और कोस्ट गार्ड का संयुक्त दल बचाव कार्य युद्धस्तर पर चला रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने अलर्ट जारी कर समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों से अपील की है कि लापता व्यक्ति या उसके अवशेष दिखें तो तुरंत समुद्री पुलिस , कोस्ट गार्ड या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
रिपोर्टकार्ड न्यूज – दहानू




