संतोष जनाठे का काला सच ? जमीनी स्तर के कार्यकर्ता या..

मुंबई/पालघर, महाराष्ट्र – 24 फरवरी 2026- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महाराष्ट्र ने अपने संगठन को और मजबूत करने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी (प्रदेश कमेटी) का विस्तार किया है। इस विस्तार में राज्य के विभिन्न जिलों से सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

पालघर जिले से संघ के चौदह वर्षों तक प्रचारक से भाजपा कार्यकर्ता बनें संतोष जनाठे को प्रदेश सचिव (State Secretary) पद पर नियुक्त किया गया है। जनाठे लंबे समय से पार्टी के प्रति समर्पित रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने, विभिन्न अभियानों तथा सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं।

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हांलांकि संतोष जनाठे का पोलिटिकल सफर इतना आसान नहीं था। 2016 में जब पार्टी से जुड़े उस समय उन्हें पार्टी का कोई बड़ा पद नहीं मिला, लेकिन उनके समाजिक सुझबुझ और राजनैतिक समझ को देख कर पोलिटिकल पंडित उन्हें एक लंबी रेस का घोड़ा मान रहे थे। इसी बिच 2019 के विधानसभा चुनाव कि बिगुल बज गई और लोग यह मान कर चल रहे थे कि संतोष जनाठे को बोईसर विधानसभा से टिकट मिलेगा, लेकिन शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन में यह सीट शिवसेना के खाते में चली गई।

उसके बाद बोईसर भाजपा में दो फाड़ हो गई एक जो गठबंधन के समर्थन में था और दुसरा संतोष जनाठे के पक्ष में खड़ा था। उसके बाद संगठन और संघ ने उन्हें इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर चुना लड़ने के लिए समर्थन दे दिया। जनाठे चुनाव लड़ें भी लेकिन 30,952 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। लेकिन उनके इस निर्णय के वजह से शिवसेना को इस सीट से हाथ धोना पड़ा। उसके बाद राजनीतिक गलियारों में संतोष जनाठे के बढ़ते राजनैतिक ताकत और ईमानदार चेहरे से पार्टी के ही की नेता असहज महसूस करने लगें।

संतोष जनाठे इस बीच लगातार जनता के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करते चले गए, हालांकि उनकी इस ईमानदार छवि का उन्हें कई बार नुकसान भी सहन करना पड़ा। लेकिन अपनी राजनीतिक सफर का प्रवाह नहीं करते हुए लगातार वनवासी क्षेत्र में भी बड़ी पकड़ बना ली। यह जनाठे कि राजनीतिक जीवन का वह काला सच है जो बहुत कम लोगों को पता है।

गौरतलब बात यह है कि संतोष जनाठे आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन उनकी पकड़ सिर्फ आदिवासी समाज तक सीमित नहीं है। संतोष जनाठे को लोग एक फायरब्रैंड हिंदूत्ववादी नेता के तौर पर भी पहचानते हैं।

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2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पालघर से उनका नाम आगे चल रहा था, लेकिन फिर से टिकट नहीं मिल पाया, और आज 10 सालों बाद उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने इस नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा:

“नवनियुक्त पदाधिकारी पार्टी की विचारधारा को हर घर तक पहुंचाने और संगठन को और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

संतोष जनाठे ने अपनी नियुक्ती  पर हर्ष व्यक्त करते हुए भाजपा के नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा “पार्टी के द्वारा दिए गए पद को सुशोभित करने कि पुरी कोशिश करूंगा”

Source – ReportCard News YouTube Channel

पालघर जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में संतोष जनाठे की इस नियुक्ति से काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसे उनकी लगातार मेहनत और समर्पण की पहचान माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पार्टी द्वारा क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और आगामी चुनावों की तैयारियों को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

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