TV पर गाली, बिहार में हार: RJD की महिला प्रवक्ताओं ने खुद बुझाई लालू की लालटेन!

पटना | 15 नवंबर 2025 (@reportcard): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की बुरी तरह हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अंदरूनी सर्कल में हलचल मच गई है। निर्वाचन आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, कुल 243 सीटों में से NDA ने 202 सीटें हासिल कर ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त किया, जबकि महागठबंधन को मात्र 35 सीटें ही मिल सकीं। RJD को 25 सीटें मिलीं, जो 2020 के 75 सीटों से आधी से भी कम हैं, जबकि कांग्रेस को केवल 6 सीटें प्राप्त हुईं। पार्टी की दो प्रमुख महिला प्रवक्ताओं – कंचना यादव और प्रियंका भारती – पर सोशल मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों ने सीधे तौर पर हार की जिम्मेदारी ठोकर दी है। दावा किया जा रहा है कि इनकी टीवी डिबेट्स में आक्रामक और विवादास्पद शैली, खासकर मनुस्मृति पर लगातार हमलों ने सवर्ण, हिंदू और मध्यम वर्ग के मतदाताओं को नाराज कर दिया, जिसका सीधा फायदा NDA को मिला।

विवाद की जड़: टीवी डिबेट्स में ‘जातिवादी’ और ‘सनातन-विरोधी’ बयान

चुनाव प्रचार के दौरान हिंदी न्यूज चैनलों पर आयोजित डिबेट्स में कंचना यादव और प्रियंका भारती की जोड़ी ने सुर्खियां बटोरीं। प्रियंका भारती ने दिसंबर 2024 में इंडिया टीवी के एक लाइव डिबेट में मनुस्मृति की प्रतियां फाड़कर फेंकीं, जिसके बाद उनके खिलाफ अलीगढ़ कोर्ट में FIR दर्ज हुई। उन्होंने कहा, “मनुस्मृति महिलाओं के खिलाफ है, इसलिए बाबा साहब ने इसे जलाया था। इसे बार-बार फाड़ना चाहिए।” कंचना यादव ने भी कई बहसों में मनुस्मृति को “जातिवादी ग्रंथ” बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा, जैसे एक डिबेट में उन्होंने कहा, “संविधान के कारण ही आज हम जैसे प्रवक्ता टीवी पर बोल पा रहे हैं, मनुस्मृति लागू होती तो महिलाओं की आवाज दबी रहती।”

ये क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जहां इन्हें “सनातन धर्म पर हमला” करार दिया गया। X पर एक वायरल पोस्ट में लिखा गया: “प्रियंका भारती और कंचना यादव ने जितना मुँह खोला, RJD का वोट उतना कम होता हुआ चला गया। मनुस्मृति फाड़ने से लेकर TV एंकरों-प्रतिद्वंद्वी प्रवक्ताओं पर जातिगत टिप्पणी तक – तर्कों एवं तथ्यों के अभाव से जूझतीं इन दोनों ने सनातन धर्म पर भी अनर्गल टिप्पणियाँ कीं।” एक अन्य यूजर ने लिखा: “NDA के 3 स्टार प्रचारक: 1. राहुल गाँधी… 2. प्रियंका भारती 3. कंचना यादव: इन दोनों ने TV डिबेट में मतदाताओं को बताया कि RJD पार्टी का चरित्र क्या है।

राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप भंडारी ने X पर पोस्ट किया: “RJD को चाहिए कि प्रियंका भारती और कंचना यादव दोनों को प्रवक्ता पद से हटा देना चाहिए। पार्टी की छवि खराब करने में इन दोनों की अहम भूमिका रही है। इनकी डिबेट में तथ्य और तर्क कुछ होता ही नहीं था, सिर्फ एटिट्यूड और गुंडागर्दी थी।” एक अन्य पोस्ट में कहा गया: “तेजस्वी यादव की हार में इन दोनों महिलाओं का योगदान सबसे ज्यादा होगा… Foul mouth, MOST ABUSIVE, no respect for elders, facts not their cup of tea।”

चुनावी नुकसान का आकलन: 5-10% वोटों का ‘शिफ्ट’

विशेषज्ञों के मुताबिक, इन बयानों ने RJD के ‘सामाजिक न्याय’ नैरेटिव को कमजोर किया। शहरी सवर्ण (15-20% मतदाता) और महिलाओं (48% वोटर बेस) में नाराजगी बढ़ी, जिससे महागठबंधन को 5-7% अतिरिक्त नुकसान हुआ। भाजपा ने इन क्लिप्स को प्रचार में इस्तेमाल किया, ‘जंगलराज की वापसी’ का नैरेटिव मजबूत किया। एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रियंका भारती के मनुस्मृति वाले वीडियो को 50 लाख से अधिक बार देखा गया, जिसने OBC और EBC वोटों को भी प्रभावित किया।

भाजपा के एक रणनीतिकार ने नाम न बताते हुए कहा, “कंचना और प्रियंका ने अनजाने में हमारी मदद की। तेजस्वी की ‘नई छवि’ को इनकी पुरानी ‘जंगलराज वाली’ स्टाइल ने धक्का पहुंचाया। मध्यम वर्ग ने इन्हें देखकर RJD से मुंह मोड़ लिया।”

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

X पर #RJDSpokespersonsFail ट्रेंड कर रहा है। एक पोस्ट में लिखा: “Kanchan and Priyanka, you’re the reason why RJD and Tejashwi lost this election. You helped BJP by blabbering on various TV channels।”

निष्कर्ष: मीडिया रणनीति पर पुनर्विचार की घड़ी

यह विवाद RJD के लिए सबक है कि टीवी डिबेट्स अब चुनाव बदलने वाली ताकत रखती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी को तथ्य-आधारित, संयमित प्रवक्ताओं पर फोकस करना चाहिए। फिलहाल, कंचना और प्रियंका की ‘जिम्मेदारी’ पर बहस तेज हो गई है, जो बिहार राजनीति में जाति-धर्म के मुद्दों को नई ऊंचाई दे रही है। NDA की जीत के जश्न के बीच RJD को आत्ममंथन की जरूरत है।

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