मनोर: 9 अगस्त को मूलनिवास दिवस के उपलक्ष्य में मनोर स्थित क्रांतिसूर्य वीर बिरसा मुंडा चौक पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के गणमान्य नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में बिरसायत महाराष्ट्र के संस्थापक संतोष जनाठे, मनोर के सरपंच चेतन पाटिल, मनोर पुलिस स्टेशन के एपीआई साळोखे, उपसरपंच मंगेश गोंड तथा अनंता पुंजारा सहित गाँव एवं आसपास के क्षेत्रों से आदिवासी एकता मित्र मंडल के महिला व पुरुष कार्यकर्ता तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान मंच से बोलते हुए वक्ताओं ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व और इसके आयोजन के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में अपनी लोककला और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का संदेश देते हुए पारंपरिक ‘गौरी नृत्य’ की शानदार प्रस्तुति दी गई। इस मनमोहक नृत्य ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
आयोजकों ने इस अवसर पर समाज के युवाओं से अपनी कला, संस्कृति और महापुरुषों के विचारों को आगे ले जाने का आह्वान किया।

